बुलंदशहरवालों के लिए अच्छी खबर: रिंग रोड परियोजना को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री योगी ने दी एनओसी पर सहमति

बुलंदशहरवालों के लिए अच्छी खबर: रिंग रोड परियोजना को मिली नई रफ्तार, मुख्यमंत्री योगी ने दी एनओसी पर सहमति

Good news for the people of Bulandshahr

Good news for the people of Bulandshahr

बुलंदशहर। Good news for the people of Bulandshahr, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यो और कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में शहर में रिंग रोड निर्माण को केंद्र सरकार को एनओसी देने की सहमति प्रदान की है। सांसद ने मुख्यमंत्री द्वारा रिंग रोड निर्माण के लिए केंद्र सरकार को एनओसी देने की सहमति प्रदान करने का दावा किया है।

सांसद डा. भोला सिंह ने बताया कि शहर में रिंग रोड निर्माण को प्रदेश सरकार ने निर्माण और जमीन अधिग्रहित करने में अंशदान देने को लेकर केंद्र सरकार को एनओसी नहीं दी थी। जिस कारण रिंग रोड का निर्माण नहीं हो पाया। उनके अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने शनिवार को नोएडा में लोनिवि की समीक्षा बैठक में शहर में रिंग रोड निर्माण के लिए केंद्र सरकार को एनओसी देने को सहमति दे दी।

जिससे अब शहर में वर्षों पुरानी रिंग रोड की आस एक बार दोबारा जागृत हुई है। रिंग रोड निर्माण की शहर को अत्यंत आवश्यकता है। रिंग रोड का निर्माण होने से शहर को जाम से राहत के साथ यातायात को रफ्तार मिलेगी।

सांसद डा. भोला सिंह के अनुसार केंद्र सरकार निर्माण व जमीन अधिग्रहण का 50 प्रतिशत देने को राजी थी। राज्य सरकार से जमीन अधिग्रहण का 50 प्रतिशत की मांग की थी। इसे राज्य सरकार ने स्वीकृति नहीं दी थी। अब राज्य सरकार स्वीकृति देने को राजी है।

रिजर्व पुलिस लाइन की बाउंड्रीवाल व सुंदरीकरण का काम होगा

बुलंदशहर : रिजर्व पुलिस लाइन की बाउंड्रीवाल और सुंदरीकरण का काम होगा। इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से पुलिस मुख्यालय लखनऊ को 40 लाख रुपये का डीपीआर बनाकर भेजी गई है। शासन से स्वीकृति मिलने और धनराशि आवंटित होने के उपरांत निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

रिजर्व पुलिस लाइन की कई जगह से बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त है। जिसके कारण कई बार आवारा पशु पुलिस लाइन परिसर में घुस आते हैं। इसके चलते पुलिस लाइन परिवार में रहने वाले पुलिसकर्मियों के परिवार अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। हालांकि डयूटी पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें शीघ्र की परिसर से बाहर निकाल देते हैं और अभी तक किसी भी प्रकार की कोई घटना घटित नहीं हुई है।

इस समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रतिसार निरीक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से 40 लाख रुपये की डीपीआर बनाकर पुलिस मुख्यालय लखनऊ को भेजी है और शासन द्वारा शीघ्र ही उसे स्वीकृति कर धनराशि आवंटित होने की संभावना जताई जा रही है।